कई एकड़ में मक्का-पपीता के बीच अफीम की अवैध खेती ! 5 लाख RS प्रति किलोग्राम का अनुमान

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भिलाई 7 मार्च 2026 ( PMohan) जिले के समोदा गांव में जिला प्रशासन और र पुलिस ने बड़े पैमाने पर हो रही अफीम की अवैध खेती एकड़ी है। है। करीब साढ़े 9 एकड़ खेत में अफीम की खेती को जा रही थी, जिसे छिपाने के लिए खेत के चारों ओर बाउंड्री और गेट लगाया गया था। इतना ही नहीं, खेत की सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे ताकि किसी को इसकी भनक न लग सके। खेत में मक्का, पपीता और केला की फसल के बोच अफीम के पौधे लगाए गए थे, जिससे बाहर से देखने पर यह सामान्य खेती लगे। प्राथमिक जांच के अनुसार तीन दिन पहले ही अफीम के फल को कंटेनर के जरिए कहीं और भेज दिया गया था। ग्रामीणों का दावा है कि यहां पिछले चार वर्षों से अफीम की खेती हो रही थी, मलेकिन किसी को इस्स्की जानकारी नहीं हो सकी।

बन को बने ही 1

पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेत की नाप-जोख करई। जांच में करीब साढ़े 9 एकड़

जमीन में अफीम की खेती पाए जाने की पुष्टि हुई है। संदेह के आधार पर पुलिस ने जमींदार और भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को हिरासत में लेकर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार खेती के लिए खंडवा से मजदूर बुलाए गए थे, जबकि खेत के एक हिस्से में लगी कपास की खेती की जिम्मेदारी राजस्थान के मजदूरों को दी गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने दो राजस्थानी मजदूरों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

एएसपी सुखनंदन राठौर के मुताबिक इस पूरे मामले का खुलासा बेहद रोचक तरीके से हुआ। होली के दिन गांव के कुछ बच्चे दोपहर में नदी किनारे गए थे। इसी दौरान एक बच्चे ने खेत में लगे अफीम के फल की फोटो खींचकर गांव के वाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दी। गांव के सरपंच अरुण गौतम ने फोटो को गूगल पर मिलाया, जिससे पता चला कि वह फोटो अफीम के फल की है। इसके बाद तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। ग्रामीणों के अनुसार इस

खेती को विनायक ताम्रकार और उसके भाई विमल व ब्रजेश ताम्रकार संचालित कर रहे थे। जांच में जमीन प्रीति बाला और मधुमति ताम्रकार के नाम पर पंजीकृत मिली है। विनायक ने पुलिस को बताया कि यह जमीन उसकी बहनों के नाम पर है। फिलहाल पुलिस जमीन के दस्तावेजों की जांच कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ताम्रकार परिवार इलाके के पुराने पुराने जमींदार हैं हैं और इनके पास 300 एकड़ से ज्यादा जमीन होने का दावा किया जाता है। वर्तमान में विनायक ताम्रकार भाजपा के किसान मोर्चा में में राइस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प के प्रदेश संयोजक के पद पर है। परिवार का फेंसिंग पोल का व्यवसाय भी बताया जा रहा है। साथ ही परिवहन विभाग के कार्यालय में भी विनायक की सक्रियता की जानकारी सामने आई है। समोदा से भटगांव तक शिवनाथ नदी के किनारे फैले खेतों की भी जांच की जा रही है।

इधर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 7 मार्च को सुबह 9.30 बजे समोदा में मामले की जांच स्थल का निरीक्षण करेंग

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