रायपुर 28 मई (Mohan Media News )छत्तीसगढ़ राज्य में मिडिल क्लास के लोगों की जीवन में सुधार लाना जरूरी है ।उनके लिए ना तो नौकरी की गारंटी और ना ही पेंशन की सुविधा है ।चिकित्सा में सिर्फ 50000 / रुपये तक की ही सुविधा दी जा रही है ।जबकि बीपीएल वालो को 5 लाख तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा दी जा रही है । इन सब की जीवन स्तर सुधारने के लिए जो IAS केडर के अधिकारी छत्तीसगढ़ राज्य में सेवारत थे ।में लिप्तता पाये जाने के आरोप में जेल में बंद है ।जिन अधिकारियों को राज्य की शासन व्यवस्था चलाने की अधिकार सौपा था वही खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हो तो उस राज्य का क्या होगा, सहसा अंदाजा लगाया जा सकता है! आप सभी IAS केडर के अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोप में जो जेल मैं बंद है उनमे तत्कालीन कोरबा कलेक्टर रानू साहू, तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया, संयुक्त कलेक्टर कोरबा भरोसा राम ठाकुर ,तत्कालीन सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग माया वॉरियर ,तत्कालीन सीईओ पौड़ी जनपद पंचायत भुवनेश्वर सिह राज, तत्कालीन सीईओ पाली कटघोरा जनपद पंचायत वीरेंद्र राठौर, तत्कालीन सीईओ जनपद पंचायत कोरबा राधेश्याम मिर्जा ,उदगम सेवा समिति NGO के मनोज द्विवेदी के अलावा कारोबारी सुबोध तिवारी भी जेल में बंद है


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