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मूल निवासी संघ ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया। संघ ने इस विधेयक को सीधे सीधे संविधान और मौलिक अधिकारों पर हमला बताते हुए राज्यपाल से इसे तत्काल खारिज करने की मांग की।यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 25 को कमजोर करने की साजिश है। धर्म मानने, अपनाने और प्रचार करने के अधिकार को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है।
संविधान की आत्मा के खिलाफ कानून संविधान की उद्देशिका में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता को यह विधेयक कुचलने का प्रयास करता है।प्रलोभन की आड़ में समाज सेवा पर वार दान, शिक्षा, इलाज, मदद सबकी प्रलोभन बताकर अपराध बनाने की तैयारी।अनाथालय, स्कूल, अस्पताल भी शक के घेरे में आ जाएंगे।अस्पष्ट कानून मनमानी कार्रवाई बल कपट असम्यक प्रभाव जैसे शब्द इतने अस्पष्ट हैं कि कोई भी फंस सकता है। झूठे केस, उत्पीड़न और डर का माहौल बनेगा।अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप संघ ने कहा- यह कानून खास समुदार्यों को टारगेट करने का हथियार बन सकता है।अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन UDHR और CC PRजैसे वैश्विक मानव अधिकार मानको की खुलेआम अनदेखी है।सुप्रीम कोर्ट में मामलालंबित हैजो पूरा मामला पहले से सर्वोच्च न्यायालय में विचार दिन है तो नया कानून लाना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसा हैमूलनिवासीय संघ नेसन 2006 का उदाहरण सरकारी सरकार भूली पहले भी ऐसा संशोधन विधेयक रोका जा चुका है फिर वही गलती दोहराई जा रही है संघ कीसानिया चेतावनी दी हैअगर इस विधायक को अनुमति दी गई तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन होगा सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ी जाएगीधर्म की आजादी कोई सौदेबाजी नहीं है इसे चीन की कोशिश हुई तो जवाब भी उतना ही खड़ा होगा उपरोक्त जानकारी आज एक प्रेस वार्ता के द्वारा मूल निवासी संख्या अध्यक्ष अमरजीत पटेलने दी है प्रेस वार्ता मे संघ के महासचिव साजी जॉन जिला अध्यक्ष जय साहू U C C अध्यक्ष एम जोनाथन महासचिव सुभाष पाल ccf अध्यक्ष पास्टर राकेश प्रकाश प
