राजनांदगांव – 28 अप्रेल (mohan Media News) नगर पालिक निगम राजनांदगांव नागरिकों को इस ग्रीष्म ऋतु में सुचारू पेयजल के लिये महापौर मधुसूदन यादव तथा निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा समय समय पर मोहारा शिवनाथ नदी तथा जल संयंत्र गृह का निरीक्षण कर अधिकारियों को दिशा निर्देश दे रहे है. साथ ही जल विभाग का अमला प्रतिदिन मोहारा शिवनाथ नदी में जल स्तर का निरीक्षण कर रॉ वाटर एवं क्लीयर वाटर की जॉच नल घर मोहारा लैब में किया जा रहा है. जिसमें प्रमुख रूप से क्लोरिन, टोटल हार्डनेश, पानी के कलर की जॉच, क्लोराईड आदि की जॉच कर भारतीय मानक के अनुरूप पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है.
इस वर्ष ग्रीष्म ऋतु में पूर्व से ही मोहारा शिवनाथ नदी में जल स्तर कम हो गया, जिससे पानी सप्लाई में व्यवधान हुआ. पेयजल की सुचारू सप्लाई के लिये मोखली, मटियामोती, मोगरा जलाशय से समय समय पर पानी लिया जा रहा है और शहर में दो दिन में तीन समय पानी सप्लाई की जा रही है. आगामी माह मे भी सुचारू पेयजल के लिये दो दिन पूर्व महापौर मधुसूदन यादव मोहारा जल संयंत्रगृह का निरीक्षण कर रॉ वाटर की स्थिति एवं अन्य सुविधा की जानकारी ले कर एनीकट में पानी की उपलब्धता के आधार पर मोगरा जलाशय से पानी लेने निर्देशित किये थे तथा 27 एमएलडी प्लांट में क्लीयर वॉटर के लिये लगने वाले नये पंप को जल्द लगाने कहा था, जिससे टंकी भरने में सुविधा होगी.

पेयजल के संबंध में आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि नगर निगम द्वारा ग्रीष्मकाल में रॉ-वाटर की कमी न हो इसलिए मोखली एनीकट में 50 एम.सी.एफ.टी., मटियामोती जलाशय में 300 एम.सी.एफ.टी. एवं मोंगरा जलाशय में 1000 एम.सी.एफ.टी. पानी पेयजल हेतु आरक्षित रखा जाता है. वर्तमान में मोखली एनीकट से पानी लेने के पश्चात मोगरा जलाशय से प्रथम चरण में पानी लिया जा चुका है एवं मटियामोती जलाशय से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. उन्होंने बताया कि आज की स्थिति में मोहारा एनीकट में 3 फिट पानी है, जो 15 दिन तक चलेगा. आगे के महीनो में पानी की समस्या न हो इसके लिये महापौर श्री यादव जी ने मोगरा जलाशय से पानी लेने निर्देशित किये है, जिसके परिपालन में तत्काल प्रभाव से योजनाबद्ध कार्य करते हुए कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग, राजनांदगांव को मोगरा जलाशय से पानी छोड़ने पत्राचार किया गया. मोगरा जलाशय से 28 अप्रैल को पानी छोड़ा जायेगा, जो लगभग 10 दिनों मे 6 मई तक शिवनाथ एनीकट पहुंचेगा. जिससे नदी का जल स्तर कम नहीं होगा और आगामी माहों में भी नागरिको को पेयजल उपलब्ध कराने में सुविधा होगी. नगर निगम की टीम द्वारा पेयजल व्यवस्था दुरूस्त रखे जाने सत्त निगरानी की जा रही है.
