Spread the love

रायपुर : गर्मियों में तीन हजार का बिजली बिल अब हुआ माइनस

गर्मियों में तीन हजार का बिजली बिल अब हुआ माइनस

पीएम सूर्यघर योजना बनी राहत की किरण

रायपुर, 30 जून 2025

गर्मियों के मौसम में जब आमतौर पर बिजली बिल लोगों की जेब पर बोझ बन जाते हैं, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने आम उपभोक्ताओं को इस चिंता से बड़ी राहत दी है। इस योजना के तहत घरों की छत पर लगाए जा रहे रूफटॉप सोलर पैनल न सिर्फ बिजली बिल को शून्य तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को ऊर्जा उत्पादक बनाकर अतिरिक्त आमदनी का जरिया भी बन रहे हैं।

ऐसा ही एक उदाहरण रायगढ़ के कोड़ातराई निवासी श्री सतीश कुमार चौधरी का है, जिन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित किया है। इस पर उन्हें 78 हजार रुपये की सरकारी सब्सिडी प्राप्त हुई। श्री चौधरी बताते हैं कि पहले गर्मियों के दौरान अप्रैल और मई में उनका बिजली बिल क्रमशः 2430 और 3220 रूपए तक आता था। लेकिन इस वर्ष जब उनके घर पर सोलर सिस्टम ने उत्पादन शुरू किया, तो अप्रैल 2025 में उनका बिजली बिल माइनस 921 रूपए और मई में माइनस 1077 रूपए रहा।

इसका मतलब यह है कि उनके घर में इतनी बिजली उत्पन्न हुई कि न केवल घरेलू खपत की पूर्ति हुई, बल्कि अतिरिक्त बिजली विद्युत ग्रिड को सप्लाई कर दी गई, जिसके बदले उतनी राशि उनके बिल में कटौती के रूप में जुड़ गई। अब वह राशि भविष्य की बिजली खपत के लिए उपयोग में लाई जा सकेगी। श्री चौधरी ने इसे किफायती बिजली का सबसे कारगर उपाय बताया और लोगों से इस योजना का लाभ लेने की अपील भी की।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की एक दूरदर्शी पहल है, जो देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा की दिशा में आगे ले जा रही है। यह योजना उपभोक्ताओं को न सिर्फ बिजली खर्च से मुक्त करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नवीन रोजगार सृजन का भी अवसर प्रदान करती है।

इस योजना के तहत 1 से 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर संयंत्रों पर केंद्र और राज्य सरकार से अधिकतम 1.08 लाख रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे अब सोलर पैनल लगवाना आम लोगों के लिए किफायती और आसान हो गया है। रूफटॉप सोलर सिस्टम नेट मीटरिंग प्रणाली के जरिए विद्युत ग्रिड से जोड़े जाते हैं। इस प्रणाली के अंतर्गत जब उपभोक्ता आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन करते हैं, तो वह अतिरिक्त ऊर्जा ग्रिड को भेज सकते हैं। इसके बदले उपभोक्ताओं को उनकी यूनिट के मूल्य के अनुरूप राशि बिल से माइनस कर दी जाती है या अगली बार उपयोग के लिए जमा हो जाती है।

इस योजना ने छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में हजारों परिवारों को बिजली के बढ़ते खर्च से राहत दी है। साथ ही, पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा विकल्प को अपनाने की दिशा में प्रेरित किया है। यह वास्तव में एक ऊर्जा क्रांति है, जिसमें उपभोक्ता अब केवल ग्राहक नहीं, बल्कि साझेदार भी बन रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *