
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआइआइएफबी) के अधिकारियों को 466.91 करोड़ रुपये के कथित विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) उल्लंघन के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सीएम के अलावा ईडी ने पूर्व वित्त मंत्री धामस इसाक और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव केएम अब्रहम को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। केरल की सत्तारूढ़ माकपा ने ईडी की इस कार्रवाई को “राजनीतिक से प्रेरित” करार दिया और दावा किया कि यह राज्य की जनता के लिए एक चुनौती है। पार्टी के प्रदेश सचिव एमवी गोविंदन ने ईडी की आलोचना करते हुए कहा कि नोटिस उनके “राजनीतिक खेल” का हिस्सा है। इसाक ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव नजदीक हैं और ईडी केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए प्रचार कर रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने भी आरोप लगाया कि यह केंद्र द्वारा माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले “भाजपा समर्थक” रुख अपनाने के लिए “मजबूर” करने का एक प्रयास है। बहरहाल, अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह नोटिस 12 नवंबर को फेमा के तहत स्थापित ‘नामित प्रवर्तन निदेशालय निर्णायक प्राधिकरण’ द्वारा जारी किया गया था।467 करोड़ रुपये के फेमा ‘उल्लंघन’ मामले में केरल के सीएम को नोटिसकैआइआइएफबी मसाला बांड मामले में कई अधिकारियों पर ईडी की कार्रवाईसत्तारूढ़ माकपा ने ईडी की इस कार्रवाई को “राजनीतिक से प्रेरित” करार दियाककेआइआइएफबी के अध्यक्ष के रूप में 80 वर्षीय विजयन, बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में केरल के पूर्व वित्त मंत्री इसाक और केआइआइएफबी के सीईओ के रूप में अब्राहम को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस केआइआइएफबी और उसके अधिकारियों द्वारा फेमा प्रविधानों और आरबीआइ के मुख्य निर्देशों के कथित उल्लंघन से संबंधित है, जिसकी राशि 466.91 करोड़ रुपये है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस मामले में किसी भी गड़बड़ी से इन्कार किया है। इंडी अधिकारियों ने बताया कि केआइआइएफबी एक कार्पोरेट निकाय है जिसने 2019 में ईसीबी के तहत बांड के माध्यम स2,672.80 करोड़ रुपये जुटाने ‘मसाला बांड’जारी किया था ।



