भिलाई 2 अप्रेल (Mohan Media News )छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर महादेव सट्टा मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है ।साथ ही 21 और लोगों पर भी FIR कायमी हो चुकी है ।यह पूर्व सीएम भूपेश बघेल सहित 21 लोगों पर भ्रष्टाचार ठगी और जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है ।सीबीआई द्वारा छापे के बाद मंगलवार को 18 दिसंबर 24 को दर्ज FIR की कॉपी अब पब्लिक कर दी गई है ।सीबीआई ने इसी केस में दो आईपीएस अधिकारियों पर कार्यवाही के लिए केंद्र सरकार (डीओपीटी )से अभियोजन चलाने की स्वीकृति भी मांगी है ।दो आईपीएस अपने टूर और खरीदारी की वजह से फंसे हैं वह हर माह दिल्ली, मुंबई ,या दूसरे बड़े शहरों में जाते थे, वहां बड़े होटलों में ठहरते थे लेकिन उसका पेमेंट खुद नहीं करते थे बिल के समय उनका पेमेंट रायपुर से होता था । इसी तरह कई माल और शो रुम में भी लाखों की खरीदारी की गई है बिल उनके नाम से बना लेकिन पेमेंट दूसरी जगह से हुआ है ।सीबीआई ने अधिकारियों की यात्रा की पूरी जानकारी निकाल ली है ।उनका कॉल डिटेल भी निकाल लिया गया है । जिसकी जांच चल रही है और सीबीआई को उम्मीद है कि बहुत जल्दी यह दोनों अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर अगली कार्यवाही शुरू की जाएगी ।और दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी बहुत जल्द हो सकती है ।इसी कड़ी में राज्य सरकार कीअधिकारी व कर्मचारियों पर भी छापे के बाद कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है ।जानकारी मिली है कि सीबीआई ने जिन अधिकारियों के घर छापे मारी की है उनकी अब ED भी जांच कर रही है । पिछले दिनों सीबीआई ने 18 दिसंबर 2024 को 21 लोगों के खिलाफ 13 गंभीर धारा में एफआईआर दर्ज किया था । इसमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल के अलावा महादेव सट्टां के प्रमोटर रवि उप्पल, सौरव चंद्राकर ,शुभम सोनी और पिंटू, चंद्रभूषण वर्मा ,असीम दास, सतीश चंद्राकर ,नीतीश दीवान, अनिल अग्रवाल, उर्फ अतुल, विकास छापरिया ,रोहित गुलाटी ,विशाल आहुजा,धीरज आहुजा ,अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, सिपाही भीम सिंह यादव, हरिशंकर ट्रीब्लेवाल, सुरेंद्र बागड़ी ,सूरज चोखानी के अलावा पुलिस अधिकारी ,सी एम के ओएसडी सहित और कई निजी व्यक्ति भी शामिल है । पुष्ठ जानकारी के अनुसार सीबीआई को कोलकाता के बड़े हवाला कारोबारी के ठिकाने की जांच के दौरान छत्तीसगढ़ का कनेक्शन मिला है । पता चला है कि दुबई से मोटी ब रकम हवाला के माध्यम से कोलकाता आती थी वहां से पैसा छत्तीसगढ़ पहुंचाया जाता था हवाला का पैसा मुख्य तौर पर निलंबित ASI
चंद्र भूषण वर्मा, रितेश यादव और राहुल भक्ते के पास आता था । उसके बाद अधिकारियों, नेताओं में बंटता था । जिन सिपाहियों के वेतन 40 और 45000 रुपए है उन्होंने एक से डेढ़ लाख रुपए का मोबाइल खरीदा है अलग-अलग IMEl नंबर सीबीआई को मिली है ।सीबीआई राज्य सेवा के अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज करने के लिए ACB- EOW को पत्र लिखने की जानकारी मिली है ।कुल मिलाकर जांच एजेंसियां एजेसियो द्वारा ताबड़तोड़ कार्रवाई कर मामलों को अंजाम तक पहुंचाने की हर कोशिश की जा रही है ।और राज्य की पब्लिक नतीजे के इंतजार कर रही है !