Maharajganj News: बिजली गुल, तीन छात्राएं बेहोश

Spread the love

Power failure, three students fainted

प्राथमिक विद्यालय बरगदवा में गर्मी से गश्त खा कर गिरी छात्रा विज्ञापन

महराजगंज/निचलौल। भीषण गर्मी का असर बच्चों पर दिख रहा है। शुक्रवार को प्राथमिक विद्यालय बरगदवा में गर्मी के कारण तीन छात्राएं बेहोश हो गईं। उपचार के बाद उन्हे घर भेज दिया गया।

शुक्रवार को पड़ताल के दौरान स्कूल में पंखे लगे तो दिखे, लेकिन बिजली गुल रहने से बंद रहे। बच्चों को गर्मी से बचाव के लिए शिक्षक पेड़ के नीचे पढ़ाते हुए दिखे।
विज्ञापन

क्षेत्र के जयश्री गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय पर 12:49 बजे चटख धूप और उमस से बेहाल नौनिहाल विद्यालय परिसर स्थित पेड़ के छांव में पढ़ रहे थे। विद्यालय के बिजली कनेक्शन के साथ ही सभी कक्षाओं में पंखे लगे थे, लेकिन बिजली नहीं थी। विद्यालय के इंडिया मार्का हैंडपंप लगा हुआ था। वहीं बच्चों को पढ़ा रहे विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य अविरल त्रिवेदी ने कहा कि विद्युत कटौती बहुत हो रही है।

विद्यालय समय में मात्र दो तीन-घंटे विद्युत आपूर्ति होती है। वहीं विद्यालय के बाहर एक पेड़ के छांव में बैठे अभिभावकों का कहना है कि घर पहुंचने पर बच्चे पसीने से तरबतर हो जाते हैं। बच्चों की तबीयत खराब होने का डर बना रहता है।

इसी तरह रायपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में 12:54 बजे उमस से बेहाल बच्चे विद्यालय परिसर के पेड़ के छांव में खेल रहे थे, जबकि शिक्षक भी गर्मी से राहत पाने के लिए बरामदे में बैठे थे। यहां भी बिजली कनेक्शन के साथ कक्षाओं में पंखे लगे हुए थे, लेकिन बिजली आपूर्ति ठप होने के वजह से बंद पड़े हुए थे।
विद्यालय प्रभारी प्रधानाचार्य कुंवर मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि गर्मी से बच्चे बेहाल हो चुके थे। ऐसे में बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए कक्षाओं से बाहर निकले हुए हैं। गर्मी के साथ ही बिजली की काफी कटौती हो रही है। परिसर में पेयजल के लिए इंडिया मार्का हैंडपंप लगा है। सिधावे गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में 1:03 बजे बच्चे कक्षों से बाहर निकलकर उछल कूद मचा रहे थे। शिक्षक भी कमरों से बाहर निकल चुके थे। यहां भी बिजली कनेक्शन के साथ ही कक्षाओं में पंखे लगे हुए थे, लेकिन बिजली गायब थी। प्रभारी प्रधानाचार्य राजकुमार पांडेय ने बताया कि स्कूल में दो इंडिया मार्का हैंडपंप तो लगा है, लेकिन किसी का पानी-पीने लायक नहीं है।
स्कूल संचालन के वक्त बिजली की काफी कटौती रहती है। बिजली रहने पर तो स्थिति कुछ हद तक संभली रहती है, लेकिन बिजली कटते ही बच्चों का हाल बेहाल हो जाता है। कमरे में गर्मी और उमस बढ़ जाती है।
पंखा तो है, लेकिन बिजली कटते ही उसका लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में बच्चे परिसर में निकलकर पेड़ के छांव में जाकर गर्मी से राहत पाते नजर आते हैं। पसीने से तरबतर मासूमों का पढ़ाई में मन लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में विद्यालय संचालन के समय में परिवर्तन जरूरी है।
बाली गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में 1:29 बजे कुछ बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ते नजर आए तो कुछ उमस भरी गर्मी के बीच कमरों में पढ़ते हुए दिखे। (अमर उजाला से साभार ) विज्ञापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *