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मुख्य अतिथि कर्नल ई जे जयक्कन्नन सिग्नल्स वेटरन ने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा किए और कारगिल युद्ध के समय की परिस्थितियों के बारे में बताया। उन्होंने सैनिकों के बलिदान और सीमाओं पर जीवन की कठिनाइयों को साझा करते हुए छात्रों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित किया। विशेष अतिथि श्री देश दीपक सिंह (जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के प्रांत सचिव ने जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के कार्यों और देश की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डाला तथा युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की एक विशेष और प्रेरणादायक घड़ी वह रही जब महाविद्यालय ने पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया। श्री रोहित वर्मा (सेवानिवृत्ति सूबेदार एवं श्रीमती आशा वर्मा के पुत्र कैप्टन अमन वर्मा जो वर्तमान में भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र हैं। इसी प्रकार श्री बीजू प्रसाद (कैप्टन एवं श्रीमती पूनम बराल की पुत्री प्रतिभा बराल महाविद्यालय की छात्रा हैं और एनसीसी में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। इन वीर परिवारों के योगदान और देशभक्ति को महाविद्यालय ने नमन करते हुए उन्हें सम्मानित किया। सम्माननीय अतिथियों को शाल श्रीफल स्मृति चिन्ह पौधे और गाय के गोबर से बने विशेष मोबाइल स्टैंड भेंट किए गए। यह क्षण पूरे सभागार को गर्व और देशभक्ति की भावना से भर गया।
प्राचार्य डॉ अर्चना झा ने कहा “कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है। हमें अपने छात्रों में भी यही देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना जाग्रत करनी चाहिए।”
कार्यक्रम के अंत में डीन अकादमिक डॉ जे दुर्गा प्रसाद राव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए कहा “कारगिल विजय दिवस हमें यह सिखाता है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए





