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ज़रूर जांचें सिलेंडर का नंबर…
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सिलेंडर पर दर्ज नंबर सुरक्षा के लिहाज से जरूरी होते हैं। इसलिए इन्हें सिलेंडर लेते समय चेक करना बहुत जरूरी है ताकि कोई दुर्घटना न हो।
क्या है इन नंबरों का मतलब
सिलेंडर के कॉलर पर A, B, C, D के साथ लिखे नंबर से जान सकते हैं कि इसे लेना है या नहीं। दरअसल इन नंबरों से आप ये पता कर सकते हैं कि उस सिलेंडर की हाइड्रोस्टैटिक टेस्टिंग कब हुई थी और अगली टेस्टिंग कब होनी चाहिए। ये टेस्टिंग सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी होती है। यहां A = जनवरी से मार्च, B = अप्रैल से जून, C = जुलाई से सितंबर, D = अक्टूबर से दिसंबर होता है, वहीं बाद में लिखा गया नंबर साल को दर्शाता है।
उदाहरण….
अगर सिलेंडर पर लिखा है B-25 तो इसका मतलब है कि आप इस सिलेंडर को 30 जून 2025 के बाद उपयोग में नहीं ला सकते।
सिलेंडर ख़राब हो तो क्या करें ?
अगर सिलेंडर की टेस्टिंग डेट यानीं आखिरी हाइड्रो टेस्ट की वैधता ख़त्म हो चुकी हो तो आप सिलेंडर को लौटाने का अधिकार रखते हैं। इसे गैस एजेंसी टाल नहीं सकता। इसके अलावा चिटका, दरारनुमा, टूटा हुआ सिलेंडर भी आप वापस लौटाने की मांग कर सकते हैं।
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डिलीवरी बॉय के सामने जांच कर लें। गड़बड़ी लगे तो तुरंत लौटाने को कहें। एजेंसी को फोन करके बुकिंग नंबर के साथ रिप्लेसमेंट की मांग कर सकते हैं। अगर फिर भी सुनवाई न हो, तो https://pgportal.gov.in ऑनलाइन शिकायत वेवसाइट पर भी दर्ज कर सकते हैं। पर
इसके अलावा संबंधित गैस कंपनी की कस्टमर केयर साइट पर जाकर भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ध्यान रखें… सबूत के तौर पर क्षतिग्रस्त सिलेंडर व एक्सपायरी डेट की फोटो/वीडियो जरूर बना ले

