
धमतरी के दीपक जैन बने आत्मनिर्भर ऊर्जा उपभोक्ता, हर माह 10 हजार से अधिक की बचत
रायपुर, 7 सितम्बर 2025( Mohan Media NEWS)
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने आम जनजीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि का संचार किया है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है, बल्कि आम लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त भी बना रही है।
धमतरी के व्यवसायी श्री दीपक जैन इस योजना का प्रेरणादायी उदाहरण हैं। पहले उनके घर का बिजली बिल प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये तक आता था, लेकिन अब छत पर 5 किलोवॉट का सौर ऊर्जा सिस्टम स्थापित करने के बाद उनका बिल घटकर मात्र 3 से 4 हजार रुपये रह गया है। इस तरह उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये से अधिक की सीधी बचत हो रही है, जिससे वे अपने परिवार की जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रहे हैं।
श्री जैन ने बताया कि उन्हें योजना की जानकारी समाचार पत्रों से मिली थी। त्वरित निर्णय लेते हुए उन्होंने सोलर सिस्टम लगवाया, जिस पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। साथ ही राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने न केवल मेरी ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया है, बल्कि मुझे आत्मनिर्भर भी बनाया है। अब मैं बिजली उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि उत्पादक भी बन गया हूँ। भविष्य में अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेचकर और भी लाभ कमाऊँगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए श्री जैन ने कहा कि यह योजना ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने जिले के अन्य उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे इस योजना से जुड़कर दीर्घकालीन लाभ उठाएँ।
जिले में योजना के क्रियान्वयन को गति देने के लिए जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में लगातार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। बीते माह धमतरी में आयोजित शिविरों में 56 पंजीकरण हुए, जिनमें से 139 परिवारों के घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जबकि 14 अन्य परिवारों में स्थापना की प्रक्रिया जारी है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से यह साबित हो रहा है कि आने वाले समय में हर घर ऊर्जा सम्पन्न, पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकेगा।










गंगाजली एजुकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष आईपी मिश्रा का मानना है कि अस्पताल में कई तरह के मरीज आते रहता है ।उसमें अधिकांशों की स्थिति बहुत कमजोरी रहती है । शासन की योजनाओं का हम उन्हे नियमानुसार लाभ देते रहते जिसमें कैशलेस ‘की व्यवस्था रहती है और डॉक्टर भगवान तुल्य होता है और कोई भी डॉक्टर जानबूझकर किसी भी मरीज का गलत इलाज नहीं करता ।आमतौर पर लोगों की धारणा रहती कि मरीज की मत्यु की जिम्मेदार डॉक्टर होता है ।लेकिन जिस हालत में मरीज को लाया जाता है ले जाता है ऐसी परिस्थिती में मरीज को पुर्ने जीवन देने की हर कोशिश की जाती है । ।डॉक्टर अपनी टीम के साथ नर्से अपनी पुरी ईमानदारी से उस मरीज की स्वास्थ्य में सुधार लाना चाहता है । उसे स्वस्थ करने की सारी उपाय करते हैंऔर यह विशेषज्ञों की निगरानी में यह इलाज चलता है क्योंकि हमारे यहां सभी डॉक्टर योग्य है और जितने नर्स है वे सभी सभी पूरी परिपक्व है ।हमारे शंकरा हॉस्पिटल के सभी डॉक्टर व नर्स पूरी- तरह इंटरव्यू पास करने के बाद ही उनकी सेवा ली जाती है । अस्पताल संचालक हो या डॉक्टर जब किसी अस्पताल में इलाज के दौरान किसी मरीज की मृत्यु हो जाती है तो उस अस्पताल के खिलाफ जो बर्ताव कुछ लोग करते हैं वह पूरी तरह निंदनीच घटना होती है अस्पताल में तोड़फोड़ और डॉक्टर के खिलाफ मृतक के परिजनों द्वारा जो बर्ताव किया जाता है वह बड़ी निंदनीयन होती है ।भारत सरकार को अस्पताल और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए बनाये हुए नियम मे परिवर्तन कर थोडी कठोरता की भी जरूरत है ।जरा सोचिये जब परिजनों के द्वारा डाक्टररों पर हाथापाई करते हैं ऐसी स्थिति मे डॉक्टर सब अपनी सुरक्षा को लेकर हड़ताल परचले जाते हैं आंदोलन शुरू कर देते है डॉक्टर अपनी सुरक्षा का प्रति चिंतित रहता है ।
क
