

थायराइड, किडनी रोगी की दो साल में 5 बार उखड़ी सांसें, हर बार वेंटिलेटर की मदद से ही डॉक्टरों ने बुजुर्ग को दी नई जिंदगी
वेंटिलेटर सांस देने की एक मशीन मात्र है । इससे इंसान जिंदा रहता है।
ज वेंटिलेटर, कृत्रिम सांस देने की एक मशीन मात्र है। मरीज को इस पर रखने से दूसरे अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचने लगती है। इससे डॉक्टर को दूसरे अंग व बीमारी का इलाज करने पर्याप्त समय मिलता है।सिर्फ सांस मेंटेन होती है। मरीज को बीमारियों के उपचार के लिए योग्य डॉक्टर, स्टाफ अच्छी जांच लैब, बैक्टीरिया रहित ऑपरेशन थिएटर और वार्ड की जरूरत होती है। दुर्घटना में घायल की सांस नली को प्रोटेक्ट करने पाइप डालकर वेंटिलेटर सपोर्ट देते हैं। ब्लड लॉस के साथ हिमोग्लोबिन कम होने से भी सांस उखड़ती है। तब वेंटिलेटर लगाकर मरीज की जीवन को सुरक्षित रखते हैं और मरीज का सफल इलाज होता है आमतौर पर जब किसी मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाता है तो परिजन सोचते हैं कि मरीज की हालत काफी गंभीर हो चुका है अब मरीज का बचना मुश्किल है ।क्योंकि सच्चाई यह है किवेंटिलेटरका सपोर्टसे मरीज को सांस लेने में सुविधा होती है और उनकी लाईफ सेफ रहता है ।



