rदिल्ली-जयपुर हाईवे पर रेवाड़ी में एथेनॉल टैंकर पलट गया। आग लगने से कार सवार दो व्यापारी जिंदा जल गए। जबकि दो गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया है। हादसे का शिकार व्यापारी गाजियाबाद के रहने वाले थे।

Rewari Accident – विज्ञापन
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रात काफी हो चुकी थी। हम चारों दोस्त आपस में हंसी-मजाक करते हुए खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे थे। हम बनीपुर चौक के पास पहुंचे ही थे कि अचानक कार में आग लग गई। जैसे-तैसे मैं कार से बाहर निकला और सड़क किनारे खड़ा हो गया।
मेरे बाद ऋषि बाहर निकला। कार की पिछली सीट पर बैठे संजीव और अंशु बाहर नहीं निकल पाए। हमारी आंखों के सामने कार जल रही थी। आग की लपटों की आवाजें दिल दहला रही थीं। हम बेबस थे। हमारी समझ में कुछ नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या गया।
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एथेनॉल टैंकर हादसे में गंभीर रूप से झुलसे सुमित गोयल ने यह दिल दहलाने वाला वाक्या साझा किया। उनके साथ बगल वाली सीट पर बैठे ऋषि अरोड़ा 70 फीसदी झुलसे हैं। वे भी इस दिल दहलाने वाले मंजर को शायद ही कभी भूल पाएं।
ऋषि ने बताया कि आग इतनी ज्यादा थी कि यह पता नहीं चल रहा था कि आग किन कारणों से लगी है। थोड़ा दूर गए तो पता चला कि कैंटर में आग की वजह से उनकी कार हादसे का शिकार हुई है।
प्रत्यक्षदर्शी लोकेश ने पहुंचाया अस्पताल
बावल में एक निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. लोकेश ने बताया कि वह रात के समय ड्यूटी कर घर लौट रहे थे। साढ़े 12 बजे जब बनीपुर चौक सर्विस रोड के पास पहुंचे तो देखा कि दो लोग झुलसे हुए थे और पास में टैंकर से आग की लपटें उठ रही थीं। उन्होंने पास से गुजर रहे एक ऑटो की मदद से ऋषि और सुमित को अस्पताल पहुंचाया। घायल बार-बार यही कर रहे थे कि हमें बचा लीजिए। हमारे साथी भी जल गए हैं। बताया कि दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली रेफर कर दिया गया। फायर ब्रिगेड को रात 12:36 पर हादसे की सूचना मिली।
हर बार बस में जाते थे, पहली बार कार से जा रहे थे दर्शन करने
हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे संजीव अग्रवाल के दोस्त बालकिशन ने बताया कि चारों दोस्त हर माह बस से खाटूश्याम के दर्शन करने जाते थे। मंगलवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण चारों ने खाटूश्याम जाने का फैसला किया। इस बार बस की बजाय चारों दोस्त कार से रात करीब 9 बजे निकले थे लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।
बालकिशन ने बताया कि संजीव अविवाहित थे। उनके दो भाई हैं। परिवार चलाने की जिम्मेदारी संजीव पर ही थी। संजीव मिलनसार थे और हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। घर-परिवार ही नहीं, उनके दोस्त और साथी व्यापारी भी उन्हें भरोसेमंद मानते थे।
दूसरे व्यापारी अंशु मित्तल भाइयों में छोटे थे। उनकी शादी हो चुकी थी। उनका एक बेटा और एक बेटी है। अंशु परिवार के साथ-साथ व्यापारिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहते थे। पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए वह हर महीने श्रद्धा से बाबा के दर्शन के लिए जाते थे।
घर में खुशहाल माहौल बनाए रखने और अपने बच्चों की परवरिश में उनका बड़ा योगदान था। बालकिशन ने बताया कि हादसे में मारे गए संजीव, अंशु और सुमित व ऋषि गहरे मित्र थे। धार्मिक आस्था ने उन्हें एक सूत्र में बांध रखा था।
रेवाड़ी में एथेनॉल टैंकर पलटा, आग लगने से कार सवार दो व्यापारी जिंदा जल गए
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बनीपुर चौक के पास सोमवार की रात 12:20 बजे एथेनॉल से भरा टैंकर डिवाइडर से टकराकर पलट गया। केमिकल रिसाव होने से टैंकर ने आग पकड़ ली। इस दौरान पीछे चल रही कार में सवार गाजियाबाद के दिलशाद गार्डन निवासी व्यापारी संजीव अग्रवाल उर्फ मोनू (41) और गाजियाबाद की ही पंचवटी के रहने वाले अंशु मित्तल (40) की जिंदा जलने से मौत हो गई।
शाहदरा, दिल्ली निवासी व्यापारी सुमित गोयल और गाजियाबाद के बजरिया निवासी ऋषि अरोड़ा गंभीर रूप से झुलसे हैं। दोनों को एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा सुमित 45 फीसदी और ऋषि अरोड़ा 70 फीसदी झुलसे हैं। अंशु और सुमित की साड़ी और संजीव की जूतों की दुकान है। ऋषि हैंडलूम के कारोबारी हैं। सभी गाजियाबाद के तुराबनगर मार्केट के कारोबारी हैं। हादसे के समय चारों व्यापारी खाटूश्याम दर्शन के लिए जा रहे थे।
धमाके के बाद 100 मीटर दायरे में फैल गई आग
पुलिस के मुताबिक, मुजफ्फरनगर से एथेनॉल केमिकल से भरा टैंकर अजमेर जा रहा था। डिवाइडर से टकराने की वजह से टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर पलटते ही केमिकल रिसाव हुआ। फिर तेज धमाके के बाद 100 मीटर दायरे में आग फैल गई। इसी दौरान पीछे चल रही व्यापारियों की क्रेटा कार चपेट में आ गई। आग बुझाने के लिए पुलिस ने एनएच-48 पर ट्रैफिक रोकना पड़ा। रात 2 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद ट्रैफिक बहाल हो सका। घटना के बाद से टैंकर चालक मौके से भाग निकला।
पीड़ितों को कार का दरवाजा खोलने का भी नहीं मिला मौका
पुलिस के मुताबिक, अंशु मित्तल और संजीव अग्रवाल दोनों कार की पिछली सीट पर बैठे थे। धमाका होते ही कार ने आग पकड़ ली। उन्हें कार का दरवाजा खोलने तक का मौका नहीं मिला। दोनों कार में ही जिंदा जल गए। कार सुमित चला रहे थे, ऋषि अरोड़ा उनके साथ बैठे थे। किसी तरह से दोनों दरवाजा खोलकर बाहर निकले। (अमर उजाला से साभार)
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