सांकेतिक चित्र

दुर्ग में आबकारी नीति में बदलाव के विरोध में बॉटलिंग मजदूर कलेक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। मजदूरों ने प्लास्टिक बोतल में शराब बिक्री से रोजगार खत्म होने और लाखों लोगों के बेरोजगार होने की आशंका जताते हुए नीति वापस लेने की मांग की।

आबकारी नीति में बदलाव का विरोध करती महिलाएं ।
विस्तार
दुर्ग । 3 जनवरी 2026 । (PMOhan) में राज्य सरकार की आबकारी नीति में प्रस्तावित बदलाव के खिलाफ बॉटलिंग उद्योग से जुड़े मजदूरों का आक्रोश सामने आया है। कांच की बोतल की जगह प्लास्टिक बोतल में शराब बिक्री के निर्णय के विरोध में बड़ी संख्या में मजदूर कलेक्ट्रेट पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार अप्रैल 2026 से देशी मदिरा को कांच की बोतल के बजाय प्लास्टिक बोतल में बेचने की तैयारी कर रही है। इस फैसले से कांच बोतल बॉटलिंग उद्योग और उससे जुड़े लाखों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।विज्ञापन

मजदूरों का कहना है कि प्लास्टिक बोतल में शराब बिक्री शुरू होने से प्रदेश में करीब 10 लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो सकते हैं। इसके साथ ही इस नीति से राज्य सरकार को जीएसटी राजस्व का भी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
बॉटलिंग कारोबार से जुड़े वरुण मालिक ने बताया कि आबकारी नीति में बदलाव लागू होने पर कांच बोतल बॉटलिंग उद्योग पूरी तरह प्रभावित होगा और इससे जुड़े लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाएगी।

वहीं, बॉटलिंग में काम करने वाले मजदूरों ने कहा कि यदि शराब की बोतल कांच की जगह प्लास्टिक में लाई जाती है तो उनका रोजगार खत्म हो जाएगा, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। मजदूरों ने सरकार से प्लास्टिक बोतल नीति को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि कांच बोतल व्यवस्था जारी रखी जाए, ताकि उनका रोजगार बना रहे।व



- .भिलाई 4 प फरवरी 2026 , ट्रांसपोर्टर व सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र यादव और धीरेंद्रबहादुर सिंह ने 3 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य के विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह से सौजन्य मुलाकात कर उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया । साथ मे मध्यम में खड़े हरेन्द्र यादव के पुत्र मनीष राय भी परिलिचित हो रहे है। (p ‘mohan )
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