आधुनिक तकनीक और डिजिटल मैपिंग से पता चलेगा कि किस क्षेत्र में कब और कितनी सफाई हुई। सालाना 550 करोड़ खर्च हो रहा है,उद्देश्य हर इलाके में नियमित और गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित …..

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सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन

छ्ग नगरिय प्रशासन के मुख्यसचिव श्रीसोनमणि बोरा ने बताया क कि डिजिटल मैपिंग के जरिए सफाई वाले क्षेत्र, कचरा कलेक्शन प्वाइंट, सड़क-चौराहे, ड्रेनेज और पार्क जैसे स्थानों को चिह्नित करने की योजना है। इससे यह तय किया जा सकेगा कि किस क्षेत्र में कौन-सा काम होना है और उसकी निगरानी कैसे की जानी है।राजधानी में सफाई, कचरा प्रबंधन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर सालाना करीब 550 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में नई व्यवस्था का मुख्य फोकस सिर्फ सफाई का ठेका बदलना नहीं, बल्कि काम, कर्मचारी, संसाधन और जिम्मेदारी को एक ही सिस्टम में लाकर उसकी निगरानी करना है।सरकार की मंशा के अनुरूप शहरों की स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। रायपुर में सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव कर मॉनिटरिंग, जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी। श्री बोरा ने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल मैपिंग से पता चलेगा कि किस क्षेत्र में कब और कितनी सफाई हुई। उद्देश्य हर इलाके में नियमित और गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी भी तय की जावेगी । प्रमुखसचिव श्री सोनमणी बोरा की मंशा है कि सफाई के क्षेत्र मे रायपुर की एक अलग पहचान बने । इसे मुमकिन करना आम नागरिको की सहयोग के बिना संभव भी नहीं होगा । यदि हर व्यक्ति अपनी सहभागिता निभाये तो साफ सुथरा शहर बन जाएगा । और सफाई के क्षेत्र में रायपुर की एक इलग पहचान बनेगी ।

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