न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 07 Jul 2025 12:59 PM IST
मेजर रोहित बच्चवाला ने झांसी रेलवे स्टेशएक गर्भवती महिला की जान बचाकर मिसाल पेश की। महिला व्हीलचेयर से गिरकर गंभीर स्थिति में थी। मेजर ने बिना देर किए मदद की और महिला को सुरक्षित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाया। सेना प्रमुख ने उनकी बहादुरी की तारीफ की।

सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी और मेजर रोहित – फोटो : ANI
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भारतीय सेना के जवान सिर्फ सरहद पर ही नहीं, आम जिंदगी में भी लोगों की सुरक्षा और सेवा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इसका एक शानदार उदाहरण हाल ही में सामने आया, जब सेना के मेजर रोहित बच्चवाला ने बिना किसी मेडिकल सुविधा के एक गर्भवती महिला की जान बचाई। उनकी इस बहादुरी और समझदारी की तारीफ खुद सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की है।
यह घटना 5 जुलाई 2025 की है। सेना के मेजर रोहित बच्चवाला छुट्टी पर अपने घर हैदराबाद जा रहे थे। वे झांसी मिलिट्री अस्पताल से निकलकर झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचे, तभी उनकी नजर स्टेशन के लिफ्ट के पास एक महिला पर पड़ी। वह महिला व्हीलचेयर से गिर गई थी और गंभीर प्रसव पीड़ा से जूझ रही थी।
बिना देर किए महिला की मदद के लिए आगे आए मेजर
मेजर रोहित ने तुरंत हालात को समझा और बिना किसी देरी के महिला की मदद करने के लिए आगे बढ़े। वहां कोई डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ नहीं था। मेजर रोहित ने अपनी मेडिकल ट्रेनिंग और समझदारी का इस्तेमाल करते हुए महिला की स्थिति संभाली। महिला की हालत बहुत नाजुक थी, लेकिन मेजर ने हिम्मत नहीं हारी।
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मुश्किल हालात में दिखाया दमखम और संयम
रेलवे स्टेशन जैसे भीड़-भाड़ वाले और संसाधन कम होने वाले स्थान पर किसी भी व्यक्ति के लिए इस तरह की मेडिकल सहायता देना आसान नहीं होता। लेकिन मेजर रोहित ने न सिर्फ धैर्य रखा बल्कि महिला की सही तरीके से मदद की। उनकी सूझबूझ और हिम्मत से महिला को सुरक्षित चिकित्सा सहायता मिल सकी।
सेना प्रमुख ने जताया गर्व, कही बड़ी बात
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मेजर रोहित की तारीफ करते हुए कहा कि यह भारतीय सेना के उस जज्बे और सेवा भाव का बेहतरीन उदाहरण है, जिसके लिए हमारी फौज जानी जाती है। उन्होंने कहा कि मेजर रोहित ने जो किया, वह सिर्फ एक कर्तव्य नहीं, बल्कि इंसानियत और सेना की सच्ची परंपरा का परिचायक है।
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सिर्फ वर्दी में नहीं, आम जिंदगी में भी देश के लिए समर्पण
भारतीय सेना के जवान सिर्फ वर्दी पहनकर ही देश की सेवा नहीं करते, बल्कि हर परिस्थिति में आम जनता की मदद के लिए तैयार रहते हैं। मेजर रोहित की यह घटना इस बात को साबित करती है कि चाहे सीमा पर हो या किसी रेलवे स्टेशन पर, भारतीय सेना का हर जवान देश और जनता के लिए हमेशा खड़ा रहता है।
सरकार और सेना ने जताई सराहना, दिया संदेश
इस पूरे मामले में सरकार और सेना ने साफ संदेश दिया है कि भारतीय सेना के जवान सिर्फ युद्ध के मैदान में ही नहीं, बल्कि आम जिंदगी में भी हर भारतीय की सुरक्षा और मदद के लिए तत्पर हैं। मेजर रोहित बच्चवाला की बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।( अमर उजाला से साभार)
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