ए
सभीष्म क्यूब बाढ़, भूकंप, नक्सलवाद या आतंकवादी घटनाओं जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए एक चलता-फिरता अस्पताल है। यह रक्तस्राव रोकने, एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त करने जैसी सभी सुविधाओं से लैस है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एम्स में ‘भीष्म क्यूब’ का किया उद्घाटन – फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एम्स रायपुर में भीष्म क्यूब का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह भीष्म क्यूब स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण पहलों में से एक है। भीष्म क्यूब बाढ़, भूकंप, नक्सलवाद या आतंकवादी घटनाओं जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के लिए एक चलता-फिरता अस्पताल है। यह रक्तस्राव रोकने, एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त करने जैसी सभी सुविधाओं से लैस है। ताकि प्राकृतिक आपदाओं या किसी अन्य संकट में फंसे लोगों की जान बचाई जा स
एयर वाइस मार्शल डॉ. तन्मय रॉय (सेवानिवृत्त) ने बताया कि जब हम किसी दुर्घटना या आपदा स्थल पर नहीं पहुँच पाते, तो उपचार में देरी होती है, जिससे चोटें और मौतें होती हैं। यही इस समस्या का समाधान है। यह किसी भी तरह की आपदा और हमले के दौरान एक बार में 200 लोगों की जान बचा सकता है। खासकर जब आजकल युद्ध आम बात है, नागरिक प्रभावित होते हैं और ये क्यूब्स तत्काल राहत प्रदान कर सकते हैं। इन्हें साइकिल, बाइक, कार और यहाँ तक कि ड्रोन से भी गिराया जा सकता है।
इसमें आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। यह दुनिया में अपनी तरह का पहला कदम है। हमने इसे सशस्त्र बलों के लिए शुरू किया था, लेकिन हमें लगा कि यह नागरिकों के लिए भी ज़रूरी है। यह सभी प्रमुख संस्थानों तक पहुँच चुका है। महाराष्ट्र ने इसके लिए पहले ही माँग जारी कर दी है। हम नोएडा में इसके लिए एक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर रहे हैं और इसके लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक और सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने बताया कि आपदाएँ अचानक आती हैं। डॉक्टर परिधीय क्षेत्र में पहुँचते हैं, लेकिन केवल बुनियादी उपकरणों के साथ भीष्म क्यूब एक चलता-फिरता अस्पताल है जिसे 12 मिनट में तैनात किया जा सकता है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है, और यह डॉक्टर और पैरामेडिक स्टाफ को सशक्त बना सकता है। दुर्घटना के तुरंत बाद का सुनहरा समय होता है। मौके पर ही इन क्यूब्स द्वारा प्राथमिक उपचार प्रदान किया जा सकेगा। (अमर उजाला से साभार)








