Year Ender 2025 Women Achievers: कान से फरारी तक, इन भारतीय महिलाओं ने 2025 में रिकाॅर्ड तोड़े और इतिहास रचा

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सार

Year Ender 2025 Women Achievers : साल 2025 भारतीय महिलाओं के नाम रहा। इन महिलाओं ने ग्लोबल स्तर पर भारत का मान बढ़ाया और अपनी उपलब्धि से इतिहास रचा।  इस श्रेणी में कांस में पहली महिला निर्देशक से लेकर कांजीरंगा की प्रहरी तक शामिल हैं।

Year Ender 2025 Indian Women Achievers Who Made History in 2025

इन महिलाओं ने 2025 में रचा इतिहास – फोटो : Amar Ujalaविज्ञापन

विस्तार

Year Ender 2025: 2025 सिर्फ कैलेंडर का एक साल नहीं रहा, यह भारतीय महिलाओं की वैश्विक विजय गाथा बन गया। सिनेमा से लेकर संरक्षण, कॉरपोरेट नेतृत्व से लेकर स्पोर्ट्स ट्रैक तक, इन महिलाओं ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि दशकों से जमी सोच को भी हिला दिया। कान्स से लेकर काज़ीरंगा तक, कॉरपोरेट बोर्डरूम से लेकर रेस ट्रैक तक, साल 2025 कुछ महिलाओं के नाम से भी याद किया जाएगा। ये वह महिलाएं हैं जिन्होंने सिर्फ इतिहास नहीं बदला, बल्कि दुनिया की दिशा बदलने का भी काम किया। आइए जानते हैं साल 2025 में नाम कमाने वाली इन भारतीय महिलाओं के बारे में।  

पायल कपाड़िया

कान्स में इतिहास रचने वाली भारतीय महिला पायल कपाड़िया साल 2025 में चर्चा में रहीं। फिल्म All We Imagine As Light के लिए पायल कपाड़िया ने कान्स फिल्म फेस्टिवल का ग्रांड प्रीक्स जीतकर इतिहास रच दिया। 30 साल बाद किसी भारतीय निर्देशक को यह सम्मान मिला और वह पहली महिला निर्देशक बनीं। यह भारतीय सिनेमा के लिए सिर्फ अवॉर्ड नहीं, वैश्विक मान्यता का क्षण है।
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वर्षा देशपांडे

वर्षा देशपांडे ने बेटियों की रक्षा में तीन दशक का संघर्ष किया। महाराष्ट्र में लिंग चयन के खिलाफ 30 वर्षों से लड़ रहीं सामाजिक कार्यकर्ता वर्षा देशपांडे को 2025 UN Population Award से सम्मानित किया गया। ग्राउंड लेवल पर काम कर उन्होंने हजारों लड़कियों की ज़िंदगी बचाई और महिलाओं को कानूनी व सामाजिक ताकत दी।

डॉ. अंजली अग्रवाल

उनका नाम भारत को सुलभ बनाने वाली महिलाओं की सूची में शामिल है। ‘समर्थ्यम’ संस्था के जरिए तीन दशकों से डॉ. अंजली अग्रवाल भारत के सार्वजनिक स्थलों को डिसएबल-फ्रेंडली बना रही हैं। उनका काम मोबिलिटी नहीं, गरिमा और समानता सुनिश्चित करता है।

लीना नायर

कोल्हापुर से शैनल की CEO तक का सफर तय करने वाली लीना नायर ने भारतीय नेतृत्व की परिभाषा बदलती है। वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित लग्ज़री ब्रांड Chanel की ग्लोबल सीईओ हैं। ये सिर्फ उनका करियर ग्रोथ नहीं , बल्कि ऐतिहासिक उपलब्धि है।

जानवी जिंदल

जान्हवी जिंदल ने महज 18 साल की उम्र में 11 गिनीज़ रिकॉर्ड बनाएं हैं। बिना किसी औपचारिक ट्रेनिंग, सिर्फ यूट्यूब और जिद के दम पर जानवी जिंदल भारत की सबसे ज्यादा गिनीज़ रिकॉर्ड रखने वाली महिला बन चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर पर वह सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे स्थान पर हैं।

जयंती वेंकटेशन

जयंती चेन्नई की सांसें बचाने वाली महिला हैं। पल्लिकरणई मार्शलैंड को बचाने के लिए जीवन समर्पित करने वाली जयंती वेंकटेशन की कोशिशों से भारत को पहला Ramsar Wetland Conservation Award मिला। यह सिर्फ पर्यावरण नहीं, शहरी भविष्य की रक्षा है।

डॉ. सोनाली घोष

सोनाली घोष को काज़ीरंगा की प्रहरी कहा जा सकता है। वन्यजीव संरक्षण में नवाचार के लिए डॉ. सोनाली घोष बनीं  वह IUCN Kenton Miller Award जीतने वाली पहली भारतीय हैं। गैंडे, बाघ और जैव विविधता तीनों के भविष्य को सुरक्षित करने में उनकी भूमिका निर्णायक है।

डायना पुंडोले

फेरारी ट्रैक पर भारत की रफ्तार तो डायना ने तेजी दी। डायना पुंडोले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फेरारी रेस करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। फरारी 296 चैलेंज को मिडिल ईस्ट ट्रैक्स पर दौड़ाकर उन्होंने मोटरस्पोर्ट्स में नया अध्याय लिखा।विज्ञापन अमर उजाला से साभार

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