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सार
वायरल हो रहे इस वीडियो में उग्र भीड़ ने एक महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए। इतना ही नहीं उसे करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया।

सांकेतिक तस्वीर – फोटो : X @CG_cyberpoliceविज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले के तमनार ब्लॉक में एक कोयला खदान के खिलाफ . ने इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना को अंजाम दिया है। इस वीडियो को देखने के बाद प्रदेशभर में आक्रोश की लहर है। वायरल हो रहे इस वीडियो में उग्र भीड़ ने एक महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए। इतना ही नहीं उसे करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया। फिर खेत में गिरने के बाद वर्दी फाड़कर अर्धनग्न कर दिया। इस दौरान महिला चीखती – चिल्लाती रही। उसने कहा कि मुझे माफ कर दो, प्लीज छोड़ दो, अब नहीं आऊंगी पर दरिंदों का कलेजा नहीं पसीजा।
इस घटनाक्रम का करीब 40 सेकंड का वीडियो प्रदर्शनकारियों ने खुद बनाया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि महिला आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों से माफी मांगती दिख रही है। वह कहती है कि मुझे छोड़ दो, माफ कर दो। प्रदर्शनकारी आरक्षक महिला को धमकाते हुए कहते हैं कि क्या करने आई थी यहां, चप्पल से मारूं अभी, चल भाग यहां से।
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रायगढ़ जिले की यह हिंसक घटना 27 दिसंबर 2025 बताई जा रही है। अब इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना से पूर्व एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें हिंसक भीड़ महिला थाना प्रभारी कमला पुसाम को लात घूसों से बुरी तरह से मारते हुए नजर आई थी।
जानिए क्या है पूरा मामला
तमनार क्षेत्र के 14 गांव के ग्रामीण 27 दिसंबर 2025 को एक खदान के गारे पेलमा कोल ब्लॉक के लिये हुई जनसुनवाई को फर्जी बताकर लिबरा गांव में स्थित सीएचपी चौक में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। जिससे कंपनी में भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई थी। शनिवार की दोपहर भारी संख्या में पुलिस बल सीएचपी चौक पहुंची और आंदोलन कर रहे कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान गाड़ियों का परिचालन शुरू होते ही तमनार क्षेत्र के ग्राम खुषरूलेंगा गांव में भारी वाहन की चपेट में आकर साइकिल सवार एक ग्रामीण बुरी तरह घायल हो गया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहन के चालक को गाड़ी में बांधकर उसकी जमकर पिटाई की थी।
मामले की जानकारी मिलते ही तमनार थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा रही थी। मगर आक्रोशित ग्रामीणों ने लात- घूसों और लाठी- डंडे से महिला थाना प्रभारी को जमकर पीटा। ग्रामीणों ने वहां मौजूद कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तनाव को देखते हुए पूरे गांव का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था।
एसडीओपी, टीआई सहित कई पुलिसकर्मी हुए थे घायल
शनिवार की दोपहर ढाई बजे भीड़ बेकाबू हो गई और बैरियर को तोड़ते हुए पत्थर एवं डंडों से वहां उपस्थित पुलिस पर टूट पड़ी थी। इस दौरान उपद्रवी भीड़ ने जमकर लाठी डंडे बरसाए। जिससे एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा, थाना प्रभारी तमनार कमला पुसाम और एक आरक्षक को गंभीर चोट आई थी। कई पुलिस के जवान और महिला आरक्षक घायल हुए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कई वाहन फूंके थे
अनियंत्रित भीड़ ने पुलिस की बस, जीप, एंबुलेंस को आग लगा दी थी। कई शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए थे। इसके बाद अनियंत्रित भीड़ ने कोल हैंडलिंग प्लांट सीएचपी की ओर बढ़कर अंदर घुसकर कन्वेयर बेल्ट और दो ट्रैक्टर व अन्य वाहन को आग लगा दी थी। ऑफिस में भी उत्पात मचाकर तोड़फोड़ की थी। भीड़ को समझाइश देने पहुंचे विधायक लैलूंगा विद्यावती सिदार, रायगढ़ कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के मौके पर पहुंचने पर आक्रोशित भीड़ ने उन पर भी पथराव किया था।विज्ञापन
