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डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से शनिवार की देर रात समोदा निवासी 23 वर्षीय प्रसूती अनिशा जोशी की मौत हो गई। दूसरे बच्चे की डिलिवरी के लिए परिजन ने उसे 5 अप्रैल को जेवरा सिरसा के निहार अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां की मेडिकल डॉयरेक्टर डॉ. सीमा साहू की कॉल पर पहुंची गायनिक डॉ. स्वाति राय और जिला अस्पताल के एनेस्थेटिक्स डॉ. संजय बालवेंद्रे ने उसी दिनसीजर किया। इसके बाद वे लौट गए।दूसरी तरफ निहार का इलाज कर रही डॉ. सीमा साहू व विशेषज्ञ डॉ. जी गौतम चार धाम यात्रा पर चले गए। परिजनों के मुताबिक अगले तीन दिन अस्पताल की नसें अनिशा का इलाज करती रहीं। यूरीन डिस्चार्ज नहीं होने से उसकी तबीयत गंभीर हुई तब 9 अप्रैल को डॉ. स्वाति को दोबारा बुलाया गया। उन्होंने अनिशा को हायर सेंटर रेफर कर दिया। किसी अपने की सलाह पर परिजन उसे लेकर चंदूलाल मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंचे। वहां अनिशा का सात दिन इलाज शंकराचार्य अस्पताल में महिला की मौत हुई।चला, फिर भी सुधार नहीं हुआ। अति गंभीर स्थिति में पहुंचने पर परिजन शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज गए, जहां देर रात अनिशा की मौत हो गई। परिजनों ने मामले में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसे लेकर निहार अस्पताल की डॉ. सीमा ने कहा कि अनिशा के परिजन डॉक्टरी सलाह के बिना (लामा) उसे हमारे यहां से दूसरे अस्पताल गए, जबकि डॉ. स्वाति ने बताया कि उन्होंने अस्पताल जाकर उसे हॉयर सेंटर रेफर किया था।यात्रा पर जाने की जानकारी दी थी ।अनिशा के परिजनों को मैंने चार धाम यात्रा पर जाने की जानकारी भर्ती से पहले ही दी थी, फिर भी उन्होंने भर्ती कराया। उसका बेहतर इलाज हो रहा था, लेकिन बिना किसी मेडिकल सलाह के उसेदसरे अस्पताल ले गए। डॉ. सीमा साहू, मेडिकल डायरेक्टर, निहारअस्पतालकॉल पर मैंने हॉयर सेंटर रेफर किया5 अप्रैल को इमरजेंसी में कॉल आने पर मैंने अनिशा का सीजर किया था। इसके बाद 9 अप्रैल को मुझे कॉल कर दोबारा बुलाया गया। पहुंचने पर उसकी स्थिति देखी और हायर सेंटरके लिए रेफर कर दिया।डॉ. स्वाति राय, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञअनिशा अति गंभीर स्थिति में पहुंची थीअनिशा जब हमारे यहां पहुंची, तो उसका ऑक्सीजन सेचुरेशन 38, क्रिएटिनिन 5.2 और ब्लूरोगोबीन 11 था। चेस्ट में पूरा पानी भरा हुआ था। अति गंभीर स्थिति में आईसीयू में भर्ती किया,लेकिन सुधार नहीं हुआ।डॉ. संगीता पात्रे, गायनिक, चंदूलाल अस्पताल ‘
