NEET नहीं 12 वीं के अंकों पर आधारित मेडिकल में दाखिला मिलनी चाहिये . NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पहले भी सवालों के घेरे में रही है . … C M सी . जोसेफ विजय थलापति .

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तमिलनाडु

तामिलनाडू : 15 मई 2026 तामिल नाडू के मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है। सीएम विजय ने कहा कि राज्यों को MBBS, BDS और AYUSH पाठ्यक्रमों में दाखिला 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर देने की अनुमति मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा रद होने की घटनाएं यह साबित करती हैं कि राष्ट्रीय स्तर की यह परीक्षा संरचनात्मक खामियों से ग्रस्त है।’ विजय ने कहा कि NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पहले भी सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने 2024 के पेपर लीक मामले को उठाते हुए लिखा, ‘2024 में NEET प्रश्नपत्र लीक हुआ था। छह राज्यों में FIR दर्ज हुई और मामला CBI को सौंपा गया था।’ विजय ने आगे लिखा, इसके बाद इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई, जिसने 95 सुधारात्मक सिफारिशें दी थीं। इन सिफारिशों के बावजूद दो वर्षों के भीतर फिर पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद करनी पड़ी।’ मुख्यमंत्री विजय का मानना है कि यह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में गंभीर और संरचनात्मक खामियों का निर्णायक प्रमाण है। तमिलनाडु उन राज्यों में शामिल है जिसने शुरुआत से ही NEET का विरोध किया है। राज्य सरकारों का तर्क रहा है कि यह परीक्षा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के साथ अन्याय करती है। विजय ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा, ‘तमिलनाडु सरकार राज्य की उस पुरानी मांग को फिर से दोहराती है, जिसमें NEET को खत्म करने और राज्यों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर MBBS, BDS और AYUSH पाठ्यक्रमों में राज्य कोटे के तहत सभी सीटें भरने की अनुमति दी जाए।’ हालिया पेपर लीक विवाद के बाद NEET एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्षी दल लगातार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। तमिलनाडु में यह मुद्दा लंबे समय से भावनात्मक और राजनीतिक दोनों रूपों में प्रभावी रहा है।

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