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सार
Patna: दिल्ली पुलिस ने नीट परीक्षा का फर्जी प्रश्न पत्र और MBBS में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में RJD के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 18 छात्रों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

तेजस्वी के साथ आरोपी राजद नेता – फोटो : अमर उजालाविज्ञापन
विस्तार
नीट परीक्षा का प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाने और एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर कथित रूप से ठगी करने वाले एक गिरोह का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में कथित मास्टरमाइंड बताए जा रहे संतोष कुमार जायसवाल समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बीते दिनों कार्रवाई करते हुए राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह संगठित गिरोह नीट अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर कथित रूप से ठगी करता था। पुलिस ने एक डॉक्टर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
नीट परीक्षा से पहले 18 छात्रों को बचाया गया
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG) 2026 से पहले कुछ नाबालिगों समेत 18 विद्यार्थियों को आरोपियों के चंगुल से बचाया गया। आरोपी छात्रों को ‘परीक्षा प्रश्न पत्र’ उपलब्ध कराने के बहाने अज्ञात स्थानों पर ले गए थे।
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फर्जी प्रश्न पत्र तैयार करने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित फर्जी प्रश्न पत्र पिछले वर्षों की सामग्री और कोचिंग संस्थानों के नोट्स का उपयोग करके तैयार किए गए थे। आरोपियों ने छात्रों के परिवारों से 20 से 30 लाख रुपये की मांग की और मेडिकल कॉलेजों में सीट दिलाने की गारंटी देकर कुछ रकम पहले ही वसूल ली थी।
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सूरत पुलिस की सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बताया कि 2 मई को सूरत पुलिस से सूचना मिली थी कि दिल्ली में एक संदिग्ध गिरोह NEET के जरिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का दावा कर रहा है। इसके बाद तकनीकी निगरानी के आधार पर जांच शुरू की गई और महिपालपुर एक्सटेंशन स्थित कई होटलों में तलाशी अभियान चलाया गया।
होटल से पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने एक होटल में ठहरे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें विनोद भाई भीखा भाई पटेल भी शामिल था। आरोप है कि उसने गुजरात के MBBS अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को झांसे में लेकर इस गिरोह से जोड़ा।
अभिभावकों से लिए गए चेक और दस्तावेज
पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने का वादा कर अभिभावकों से बड़ी रकम, 10वीं और 12वीं की मूल मार्कशीट और हस्ताक्षर किए गए खाली चेक भी लिए थे।
गाजियाबाद से छात्रों को कराया गया मुक्त
जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने कुछ छात्रों को उनके अभिभावकों से अलग कर रखा था। पुलिस ने गाजियाबाद के एक अस्पताल के पास जाल बिछाकर तीन छात्रों को मुक्त कराया और कथित मास्टरमाइंड संतोष कुमार जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया।
फ्लैट पर छापेमारी में 15 और छात्र मिले
गाजियाबाद के एक फ्लैट पर छापेमारी के दौरान 15 और छात्रों को बरामद किया गया। इनमें कुछ नाबालिग भी शामिल थे, जो 3 मई को NEET परीक्षा देने वाले थे। पुलिस ने छात्रों को समझाकर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
डॉक्टर समेत दो और आरोपी गिरफ्तार
फ्लैट से दो अन्य आरोपी संत प्रताप सिंह और डॉ. अखलाक आलम उर्फ गोल्डन आलम – को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरोह में हर सदस्य की अलग भूमिका तय थी।
ऐसे काम करता था गिरोह
पुलिस के अनुसार, संतोष कुमार जायसवाल कथित तौर पर पूरी साजिश का संचालन कर रहा था। वहीं डॉ. अखलाक आलम फर्जी प्रश्न पत्र तैयार करता था। संत प्रताप सिंह आवास और अन्य व्यवस्थाएं संभालता था, जबकि पटेल परिवारों तक पहुंचने का काम करता था।
पुलिस ने बरामद किए अहम दस्तावेज
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कथित प्रश्न-उत्तर सामग्री के 149 पन्ने, पीड़ितों से संबंधित हस्ताक्षर किए गए तीन खाली चेक और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
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आगे की जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
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