भिलाई दुर्ग … 27 मई 202 [ Pmohan ] Durg से एर्नाकुलम जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। उनके लिए एक स्पेशल ट्रेन 29 और 30 मई की दरम्यानी रात 12.15 बजे दुर्ग से चलाई जा रही है। इसमें विभिन्न श्रेणी के 20 आईसीएफ कोच हैं। यह ट्रेन दूसरे दिन 31 मई को दोपहर 2 बजे एर्नाकुलम पहुंचेगी। दक्षिण भारत जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है विशेषकर सीजन में सीट और बर्थ मिलना मुश्किल हो जाता है । यह एक अच्छी खबर है कि रेल्वे बोर्ड दुर्ग से एक 20 I CF कोच [ Keralam ] SNGDS मलयाली समाजम के अध्यक्ष

अध्यक्ष V.K. Babu ने कहा है यह ट्रेन नियमित रूप से चलनी चाहिये क्योंकि दक्षिण भारत जाने वालों की संख्या काफी अधिक है । देश के चारों तरफ लोग यहां आते हैं खासकर छत्तीसगढ़ दुर्ग भिलाई में काफी दक्षिण भारतीय लोग रहे हैं इसलिए यदि इस ट्रेन को रेगुलर सेवा में जोड़ देता है तो दक्षिण भारत आने जाने वालों के लिए बहुत बड़ी सुविधा हो जाएगी । यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे बोर्ड इस पर ध्यान देकर इस सेवा को नियमित बहाल रखेगी । केरला

समाजम दुर्ग भिलाई के अध्यक्ष V K मोहम्मद जी ने इस बात का समर्थन देते हुए कहा है कि यह एक अच्छी शुरुआत है क्योंकि केरल वासियों को केरल जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ।एक दो गाड़ी जो चलती है उसमें समय पर बर्थ उपलब्ध नहीं iहोता था । यह एक बड़ी समस्या थी इसलिए इस ट्रेन को भी नियमित रूप से चलानी चाहिये दुर्ग भिलाई मे दक्षिण भारतीयों की संख्या कई हजारों में है इसलिए यह ट्रेन को नियमित कर देना चाहिएं
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दक्षिण भारतीय उद्योगपतिश्री स्वामीनाथन जी ने कहा कि दक्षिण की ओर आने जाने के लिये रेल सेवा की सुविधा में बढ़ोतरी जरूरी है क्योकि दक्षिण में पर्यटन व धार्मिक क्षेत्रों में हज़ारों की संख्या मे लोगों का आना जाना होता है . इसलिए रेलसुविधाओं में बढ़ोतरी जरुरी है। क्योकि हर मध्यम परिवार के लिये हवाई यात्रा करना संभव नहीं होता . इसलिय ट्रेन ही यात्रियों के लिय एक विकल्प होता है। इसकी सुविधा और विस्तार से यात्रियो की परेशानी दूर होगी । मैत्री विद्या निकेतन रिसालीके संचालक S.Sajeev जी ने इस रेल सेवा परअपनी बधाई प्रेषित किया और इस गाड़ी को नियमित चलाने की मंशा जाहिर की है । ‘उन्होंने अतीत को याद करते हुए कहा किएक समय ऐसा भी था जबभिलाई के केरल वासियों को केरल जाने के लिए सिर्फ एक ट्रेन जो दिल्ली से त्रिवेत्रम केरल जाती थी ।उस गाड़ी में यात्रा करने के लिए सुबह 4:00 बजे से पहले नागपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचना होता था क्योंकि 4:00 बजे वह गाड़ी आती थी हमें करीब 10-12 घंटे पहले नागपुर स्टेशन पहुंच जाना होता था ‘क्योंकि वहां पहुंचने की सुविधा भी कुछ गाड़ियों के द्वारा ही हुआ करती थीऔर आज रेल सेवा काफी विस्तार कर ली है । उन्होंने कहा किभिलाई में दक्षिण भारतीय हजारों की संख्या में हुआ करती थी जिसमें केरल के लोगों के अलावा आंध्र . तमिलनाडु . बेंगलुरु के अलावा अन्य लोग भी दक्षिण में जाते थे .लेकिन गाड़ियों का कम चलने से भागा में कभी तकलीफे हुआ करती थी । सेवा की समस्या विकराल होती जा रही थी । इस समस्याकी समाधान के लिएभिलाई में ज्वाइंट एक्शन कमेटी नाम की एक संगठन भी बनाया गया जिसमें संजीव जी के पिता सुधाकरण जी जो उस समय एसएनजीडी एस [NGDS ]के संस्थापक और कई वर्षों तक अध्यक्ष भी रहे के अलावा और काफी सीनियर लोगो ने संगठित होकर संगठन को मजबूत किया ।और आंदोलन भी चलाया यहां तक रेल रोको आंदोलन को अंजाम तम पहुंचाया तब जाकर रेलवे ने बिलासपुर से एक साप्ताहिक ट्रेन चालू की उसके बाद कोरबा से भी रेल चलने लगी अब दक्षिण जाने के लिए सुविधा बढ़ गई है फिर भी आबादी की हिसाब से दक्षिण के लिए एक दो ट्रेनें और भी चलनी चाहिए ।इसी तरह रायपुर से सीधे केरल के लिए सीधे हवाई सेवा भी शुरू होनी चाहिए ।जो वर्तमान में नहीं है ‘










