प
14 मई को बैंकिंग प्रताड़ना एवं आर्थिक अन्याय के खिलाफ होगा जन अधिकार आंदोलन
: 12 म

स्ला
भिलाई 12 मई 2026 [ P mohan ] देशभर में बैंकिंग व्यवस्था से उत्पन्न समस्याओं, कथित आर्थिक प्रताड़ना एवं आम नागरिकों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में 14 मई 2026 को दोपहर 12 बजे से जन अधिकार आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन का उद्देस्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नागरिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाना है।
आंदोलन के आयोजकों का कहना है कि वर्तमान समय में अनेक नागरिक बैंकिंग प्रक्रियाओं, रिकवरी सिस्टम, मानसिक दबाव, नोटिस प्रताड़ना तथा आर्थिक उत्पीडन जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे मामलों में आम नागरिकों को न्याय एवं सुनवाई के लिए प्रभावी मंच उपलव्ध नहीं हो पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए आंदोलन के माध्यम से उधारकर्ता आयोग के गठन की मांग प्रमुख स्म से उठाई जाएगी, ताकि ऋण लेने वाले नागरिकों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
कार्यक्रम में भारतीय मुद्रा प्रणाली एवं सेंन्ट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को लेकर भी पारदर्शिता की मांग रखी जाएगी। आंदोलनकारियों का कहना है कि जनता को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि डिजिटल मुद्रा का संचालन एवं नियंत्रण किस संस्था के माध्यम से किया जा रहा है तथा उससे संबंधित नीतियां किस प्रकार कार्य कर रही हैं।
आंदोलन के दौरान बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित विभिन्न शिकायतों, कथित अवैध वसूली, मानसिक प्रताड़ना एवं प्रशासनिक निष्क्रियता जैसे मुद्रों पर भी आवाज उठाई जाएगी। साथ ही संबंधित मामलों में बैंक / एनबीएफसी के खिलाफ एफ.आई.आर. (F.I.R.)
पंजीकृत कर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग शासन एवं प्रशासन से की जाएगी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि देश में जितनी मुद्रा उपलब्ध है, उससे कई गुना अधिक ऋण वितरण किए जाने का मुद्रा भी आंदोलन के दौरान प्रमुखता से उठाया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्तमान में लगभग 38 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा प्रचलन में है, जबकि केवल सरकारी बैंकों द्वारा ही लगभग 107 लाख करोड़ रूपये से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। इसके अतिरिवत निजी बैंक एवं विभिन्न वित्तीय कंपनियों द्वारा भी मुद्रा उपलब्धता की तुलना में कई गुना अधिक ऋण वितरित किया गया है। आंदोलनकारियों के अनुसार यह विषय गंभीर आर्थिक एवं वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है, जिसकी निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग भी की जाएगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा
12:00 बजे – 1:30 बजे
पर्जाकरण, स्वास्थ्य बैंकबीन एवं अन्य क्षेत्रों में किए गए विभिन्न रिसर्च एवं तथ्यों की जानकारी तथा विषय विशेषज्ञ एवं माओं द्वारा संबोधन ।
1:30 बजे से 2:30 बजे
भोजन एवं जलपान (1:30 बजे से 2:30 बजे तक)
2:30 बजे से 4:00 बजे
बैंकों द्वारा किए गए कथित षड़यंत्र उनकी ऐतिहासिक पुष्ठभूमि एवं वर्तमान समय में आम जनता पर उसके प्रभावों से संबंधित जानकारी एवं बक्ताओं द्वारा संबोधन।
4:00 बजे से 4:30 बजे
धरना स्थल से नारेबाजी एवं पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर महोदय को ज्ञापन एवं
शिकायत पत्र सौंपा जाएगा।
जन अधिकार आंदोलन के संयोजकों ने सभी सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों एवं आम नागरिकों से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की है।
“यह आंदोलन किसी संस्था या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं,
बल्कि आर्थिक अन्याय, बैंकिंग प्रताड़ना और नागरिक अधिकारों के हनन के खिलाफ जन्ता की लोकतांत्रिक आवाज है!”
दिनांक :
रजत सिंह भारतीय
संयोजक: जन अधिकार आंदोलन मो.: 7987359765, 9926100671
