
शिक्षा डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं, जीवन के मूल्य, अनुशासन के प्रति समर्पण का मार्ग : शुशील चंद्राकर
दुर्ग 22 अगस्त ( Mohan Media News ) भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में दीक्षांत और नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद विशिष्ट अतिथियों, विद्यार्थियों और पालकों का स्वागत व सम्मान किया गया।
कुलाधिपति सुशील चंद्राकर ने अपने उदबोधन मेंविद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन के मूल्य, अनुशासन, जागरूकता और समाज के प्रति समर्पण का मार्ग है। उन्होंने प्रबंधन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर व्यवहारिक जीवन में उतारें। चंद्राकर ने विद्यार्थियों संदेश दिया कि वे अनुशासित, जागृत और समर्पित रहकर समाज व राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। कुलपति डॉ. बीएन तिवारी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और नवाचार पूर्ण पहल की चर्चा की। वहीं कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र कुमार स्वर्णकार ने विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति और स्किल-बेस्लर्निंग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। डॉ. आलोक भट्ट ने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक ढांचे और उपलब्धियों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. स्वाति पांडेय ने भी विचार रखे। विभिन्न विभागों के वरिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसी क्रम में क्विज प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों की विषय संबंधी सामान्य ज्ञान, राज्य तथा देश से जुड़े प्रश्नों पर बौद्धिक क्षमता का विकास किया गया। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह प्रेरणादायी विचारों, अनुशासन और उत्साह से परिपूर्ण रहा तथा बड़ी संख्या में नये विद्यार्थी, प्राध्यापक, अभिभावक उपस्थित रहे।
रासेयो और एनसीसी राष्ट्र के उत्थान और विकास में सहायक
डॉ. आर.पी. अग्रवाल ने राष्ट्रीय सेवा योजना और एनसीसी के महत्व पर बात करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और नैतिक निर्माण में सहायक है। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. अनिल दुबे, डॉ. मानस रंजन होटा, रजनीश चंद्राकर, डॉ. अभिराम ठाकुर, डॉ. बलेंद्र सिंह, डॉ. पीला कुमारी चंद्राकर, डॉ. जया लक्ष्मी गांगुली, डॉ. अंजलि वर्मा, डॉ. बीएल सिन्हा, डॉ. आरके तिवारी, डॉ. डोमार सिंह ध्रुव, डॉ. सुरेंद्र कुमार चंदानी, डॉ. बीना सिंह, डॉ. घनश्याम दास साहू उपस्थित रहे। संचालन डॉ. नीतू श्रीवास्तव, डॉ. प्रगति बघेल, डॉ. हुल्लाश चौहान, डॉ. चंद्रिका अहिरवार, सरिता गुप्ता ने किया। अवसर पर एनसीसी कैडेटस के अलावा कॉलेज की विद्यार्थी भी काफी संज्ञा में उपस्थित थे ।
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