Republic Day 2026: छत्तीसगढ़ की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, देश के पहले डिजिटल म्यूजियम की झलक ने छुआ दिल

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सार

दिल्ली के कर्तव्य पथ पर “स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम्” थीम वाली छत्तीसगढ़ की झांकी ने ब्रिटिश अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले अमर आदिवासी नायकों की गाथा जीवंत की। यह झांकी भारत के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय को समर्पित थी, जो स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासियों के बलिदान को डिजिटल रूप में संजोती है।

Republic Day 2026 Chhattisgarh tableau becomes center of attraction on Kartavya Path

कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी – फोटो : एएनआई

विस्तार

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर निकली छत्तीसगढ़ की झांकी ने सभी का मन मोह लिया। यह झांकी देश के पहले आदिवासी डिजिटल म्यूजियम की एक मनमोहक झलक प्रस्तुत करती है, जो उन अमर आदिवासी नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के अन्यायपूर्ण कानूनों के खिलाफ संघर्ष किया और देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। इस झांकी के माध्यम से आदिवासी समुदाय के गौरवशाली इतिहास और उनके बलिदानों को रेखांकित किया गया।

छत्तीसगढ़ की झांकी का मुख्य आकर्षण देश का पहला आदिवासी डिजिटल म्यूजियम रहा, जिसकी एक झलक प्रदर्शित की गई। इस म्यूजियम का उद्देश्य आदिवासी नायकों के इतिहास, उनकी संस्कृति और उनके संघर्षों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करना और आम जनता तक पहुंचाना है। 

यह पहल आदिवासी समुदायों के योगदान को राष्ट्रीय पटल पर लाने और युवा पीढ़ी को उनके इतिहास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। झांकी में प्रदर्शित कलाकृतियों और प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आदिवासी नायकों के शौर्य और बलिदान की याद दिलाई, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इस प्रकार, छत्तीसगढ़ की झांकी ने कर्तव्य पथ पर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक संदेश दिया।

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कई झांकियों की थीम वंदे मातरम के 150 साल
कर्तव्य पथ पर विद्युत मंत्रालय की झांकी भी निकाली गई। जिसमें स्मार्ट पावर, स्मार्ट होम को थीम बनाया गया। मध्य प्रदेश की झांकी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को परिलक्षित किया गया। ओडिशा राज्य की झांकी की थीम परंपरा से प्रगति रहा, जिसमें महिला विकास और सेमीकंडक्टर चिप में विकास को भी दर्शाया गया। मणिपुर की झांकी में राज्य की जैविक खेती को दिखाया गया। राजस्थान की झांकी में दस्तकारी और राज्य की समृद्ध संस्कृति को दिखाया गया। 

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी की थीम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर रखी गई थी, जिसमें मातृभूमि के प्रति प्रेम को दर्शाया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी में सूचना के क्षेत्र में देश के विकास को बखूबी परिलक्षित किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने भी वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने को अपनी झांकी में दिखाया। 

पीएम ने किया मेहमानों का स्वागत
राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने मेहमानों का स्वागत किया

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