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भिलाई ‘ ॥ मई 2026 [ PMohan ] भाजपा के युवा नेता मनीष पाण्डेय ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में NSUI कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास का घेराव करते हुए देवेंद्र यादव छात्रसंघ चुनाव की मांग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की औकात दिखाने की बात कही, जो न केवल असंवेदनशील है बल्कि उनकी मानसिक बीमारी की संकेत है । लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ध्यान में रख कर बात करनी चाहिए ।’देश के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की पूरी दुनिया में लोहा माना है ।उनकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ती ही जा रही है ।ऐसे में कांग्रेसियों में भौकलाहट रस्वाभाविक है ।मनीष पांडे ने देवेंद्र यादव को इस तरह की भौखलाहट से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनाप-शनाप कुछ भी मर्यादित शब्दों का प्रयोग कर श्री मोदी और श्री शाह को उनकी औकात दिखाने की जो बात कही है इस पर देवेद्र यादव को तुरंत माफी मांगनी चाहिए । श्री पांडेय ने कहा कि औकात की बात अगर करनी है तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी से पूछिए कि क्यों कांग्रेस आज देशभर में सिमटती जा रही है। उन्होंने विधायक देवेंद्र यादव के भिलाई में लगाए गए बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि व्यवहारिकता शब्दों से नहीं, कर्मों से झलकती है। लेकिन देवेंद्र यादव की व्यवहारिकता केवल भाषणों और पोस्टरों तक सीमित है। मनीष पाण्डेय ने मांग की कि देवेंद्र यादव सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता और देश का हर नागरिक इस प्रकार की भाषा को स्वीकार नहीं करेगा। लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन मर्यादा न लांघे। श्री पाण्डेय ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस की सरकार पांच वर्षों तक छत्तीसगढ़ में रही और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब देवेंद्र यादव ने कभी छात्रसंघ चुनाव की मांग क्यों नहीं उठाई? चुनाव आतेही युवाओं के मुद्दों को हवा देना और मंच पर भाषण देकर खुद को जननेता साबित करना, यह केवल अवसरवादी राजनीति है। देवेंद्र ने अपने भाषण में जंगलों की कटाई और हसदेव के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरने की कोशिश की। जबकि हकीकत यह है कि हसदेव क्षेत्र में ग्राम पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव कांग्रेस क्र सरकार के समय ही आया था। स तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने क स्वयं कहा था कि अगर पेड़ नहीं की काटे जाएंगे तो सब अपनी बिजली है छोड़ दें। ऐसे में आज भाजपा पर अ आरोप लगाना और प्रधानमंत्री-गृहमंत्री को औकात दिखाने की बात हो करना जनता को गुमराह करने का प्रयास है। 22 राज्यों में भाजपा और सा एनडीए की सरकारें हैं। यह जनता की विश्वास और सुशासन का ही परिणाम है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की औकात पर सवाल उठाना मानसिक बीमारी का लक्षण है ‘ ओर लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान भी है।
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