निजी बैंकों के ब्लड चढ़ाने से मना नहीं कर सकेंगे डॉक्टर

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मनमानी की पोल खुली तो सीएस ने आदेश जारी किया

हेल्थ रिपोर्टर |

भिलाई

यता लाओ, यह भी सरकारी बैंक से करना रेजर, दबाय बड़ा तो बिना बसह याद‌गार ही करा दिया सुरक्षित प्रसव

20 मई को प्रकाशित खबर।

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जिला अस्पताल में अब बाहरी बैंक से लाया गया ब्लड मरीज को चढ़ाने से डॉक्टर मना नहीं करेंगे। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर सिविल सर्जन ने बुधवार को स्पष्ट आदेश जारी किया है। आदेश में कहा कि \’\’जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ब्लड उपलब्ध नहीं होने पर, मरीज के परिजन किसी भी मान्यता प्राप्त बैंक से ब्लड उपलब्ध करा रहे तो डॉक्टर उसे मरीज को चढ़ाना सुनिश्चित करें ‘। बता दें कि चार साल में दूसरी बार ब्लड ट्रांस्फ्यूजन से संबंधित आदेश जारी करने की नौबत, 200 से ज्यादा ट्विन्स की डिलिवरी का दावा करने वाली मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनीता ध्रुवे की वजह से आई।

मंगलवार को नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने बाहर का ब्लड लेने से इंकार कर ओ-निगेटिव ब्लड ग्रुप वाली गर्भवती सुषमा व पति सुजीत

को डरा दिया था। मामला सांसद विजय बघेल से होते हुए कलेक्टर के संज्ञान में आने पर सुरक्षित नार्मल डिलिवरी हो पाई थी। इससे पहले 2022 में डॉक्टरों की इस मनमानी की पोल खुलने पर तात्कालीन कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा व स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल के सदस्य डॉ. एसके बिंजवार ने अमानवीय नियम को तोड़कर निजी ब्लड बैंक से जिला अस्पताल में ब्लड लेने और जिला अस्पताल के बैंक से निजी अस्पतालों को ब्लड देने निर्देश दिया + था। डॉ. वाईके शर्मा जब तक सीएस रहे तब तक अमल भी हुआ, लेकिन उनके जाते ही डॉक्टरों ने मनमानी शुरू कर दी। मरीजों से भगाकर निजी अस्पतालों में खुद सीजर करने या कमीशन का खेल शुरू हो गया।

बदमाशों ने राके

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