MEA: ‘संघर्ष विराम में नहीं थी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता

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संसदीय समिति की बैठक में ट्रंप के दावे पर उठे सवालसऑपरेशन सिंदूर और भारत पाकिस्तान संघर्ष विराम के बाद विदेश मामलों की स्थायी संसदीय समिति की बैठक में सांसदों को विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कई जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हमेशा पारंपरिक क्षेत्र में रहा है और पड़ोसी देश की ओर से कोई परमाणु संकेत नहीं दिया गया।विदेश सचिव विक्रम मिस्री – फोटो : एएनआईसंसद के एनेक्सी भवन में विदेश मामलों की स्थायी संसदीयसमिति की बैठक में सांसदों ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मध्यस्थता के दावे पर सवाल उठाए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि संघर्ष विराम में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं थी। यह फैसला द्विपक्षीय स्तर पर लिया गया था।

उन्होंने संसदीय समिति को बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हमेशा पारंपरिक क्षेत्र में रहा है और पड़ोसी देश की ओर से कोई परमाणु संकेत नहीं दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि कुछ सांसदों ने पूछा कि क्या पाकिस्तान ने संघर्ष में चीनी मंच का इस्तेमाल किया था? इस पर मिस्री ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि भारत ने पाकिस्तानी हवाई ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने समिति को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संसदीय समिति को बताया कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब दिया है। आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया।

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विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक में समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद शशि थरूर, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, कांग्रेस के राजीव शुक्ला और दीपेंद्र हुड्डा, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भारतीय जनता पार्टी के सांसद रविशंकर प्रसाद, सतनाम सिंह, नवीन जिंदल, अपराजिता सारंगी, अरुण गोविल और आरपीएन सिंह शामिल हैं।  बैठक भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने और उसके बाद दोनों देशों के बीच हुए सैन्य संघर्ष को लेकर हो रही 

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